Friday, May 4, 2018 मिलिए, जेम्स वाकीबिया से, केन्या के प्लास्टिक बैग प्रतिबंध अभियान के नेता

35 वर्षीय जेम्स वाकीबिया का इरादा पर्यावरण कार्यकर्ता बनने का नहीं था। लेकिन केन्या की राजधानी से 150 किमी दूर बसे उनके गृहनगर नाकुरू में प्रदूषण का स्तर इतना बुरा हो गया कि उन्हें लगा कि अब उन्हें कुछ करना ही होगा।

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35 वर्षीय जेम्स वाकीबिया का इरादा पर्यावरण कार्यकर्ता बनने का नहीं था। लेकिन केन्या की राजधानी से 150 किमी दूर बसे उनके गृहनगर नाकुरू में प्रदूषण का स्तर इतना बुरा हो गया कि उन्हें लगा कि अब उन्हें कुछ करना ही होगा।

2015 में वाकीबिया ने ट्विटर हैशटैग #banplasticsKE का उपयोग करके एक सोशल मीडिया कैंपेन शुरू किया और प्लास्टिक, खास कर के प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध का आह्वान किया। इस अभियान ने जल्द ही पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के लिए केन्या के कैबिनेट सचिव, जुडी वाखुंगू का समर्थन जीता लिया और यहीं से इस अभियान ने रफ्तार पकड़ ली।

वाकीबिया को तब से केन्या में इस आंदोलन की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है जिसके परिणामस्वरूप केन्या में राष्ट्रीय स्तर पर प्लास्टिक के एक बार के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जो 2017 से प्रभावी हुआ। यहां पर, वह हमें अपने कार्य, अपने सच्चे जुनून और उस संदेश के बारे में बताते हैं जो वह अपने देश के नेताओं को देना चाहते हैं।

नाकुरू झील राष्ट्रीय उद्यान के पास, नाकुरू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में प्लास्टिक प्रदूषण। फ़ोटो क्रेडिट,जेम्स वाकीबिया

हमें अपने बारे में कुछ बताएं। आपकी पर्यावरण मुद्दों पर रुचि कैसे जागी?

मैं एक स्थानीय बालक प्राइमरी स्कूल में गया हुआ था। ठीक उसी समय सत्ता में रहे मोई प्रशासन द्वारा नाकुरू के नज़दीक एलबर्गन जंगल को काटा जा रहा था और जमीन को कृषि के लिए साफ किया जा रहा था। यह पर्यावरण की तबाही का साक्षात उदाहरण था।

मैं नाराज़गी की वजह से पर्यावरण के मुद्दों पर सक्रिय हुआ। लगभग 2011 से, मैं नाकुरू के ग्योटो डंपसाइट (कचरे का मैदान) के दयनीय प्रबंधन से नाराज़ था। सड़कों पर गंदगी फैली हुई थी, खासकर के प्लास्टिक बैग।

मुझे महसूस हुआ कि कुछ करना चाहिए, इसलिए 2013 मैंने नाकुरू की काउंटी सरकार को याचिका देकर डंपसाइट को कहीं और स्थापित करने की मांग की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ: काउंटी की सरकार ने कहा कि उनकी डंपसाइट को बंद करने की कोई योजना नहीं थी क्योंकि उनके पास वैकल्पिक भूमि उपलब्ध नहीं थी।

नाकुरू झील राष्ट्रीय उद्यान के पास, नाकुरू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में प्लास्टिक प्रदूषण। फ़ोटो क्रेडिट, जेम्स वाकीबिया

चूंकि डंपसाइट पर सबसे ज्यादा दिखने वाली समस्या प्लास्टिक थी, मैंने प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने का फैसला किया। यह एक शौक बन गया: मैंने अपने सभी माध्यमों का उपयोग प्लास्टिक बैग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए किया। मैंने संपादकों को पत्र और लेख लिखे; मैंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर टिप्पणियां लिखीं। मैं वाकई में एक बार उपयोग में आने वाले प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध की मांग को लेकर आसक्त हो गया था।

2015 में, InTheStreetsofNakuru (नाकुरू की गलियों में) नाम के एक समूह के साथ, हमने नाकुरू की काउंटी असेंबली में एक याचिका दायर कर मांग की कि, काउंटी सरकार प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के तरीकों पर चर्चा करे। मैं चाहता थी कि नाकुरू प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाने वाली पहली काउंटी बने। ऐसा नहीं हुआ, पर कम से कम लोग बात करने लगे थे। अगस्त 2017 में केन्या सरकार ने प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध की घोषणा की। यह एक बड़ी खबर थी।

नाकुरू झील राष्ट्रीय उद्यान के पास, नाकुरू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में प्लास्टिक प्रदूषण। फ़ोटो क्रेडिट, जेम्स वाकीबिया

आप कोई जॉब भी करते हैं, या आप एक फुल-टाइम कार्यकर्ता हैं?

फ़ोटोग्राफ़ी मेरा जुनून है। फ़ोटोग्राफ़ी ने मुझे इस नज़रिए से चीज़ों को देखने में मेरी मदद की है। इसने मुझे रुक कर शूट करने, और बाद में इस पर विचार कर सवाल उठाने का साहस दिया है। मैं अपनी जीविका और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए फ़ोटोग्राफ़ी करता हूं।

प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध के बारे में आप क्या सोचते हैं? क्या जल्द ही प्लास्टिक बोतल के पुनःचक्रण योजना या उस पर प्रतिबंध लागू होगा?

 

प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध उत्साहजनक था। एक बार उपयोग में आने वाले प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाकर केन्या ने एक बड़ा कदम उठाया है। मैं चाहूंगा कि प्लास्टिक कचरे से जूझने वाले सभी देश एक बार उपयोग में आने वाले प्लास्टिक बैग, स्ट्रॉ, कप, फ़ोर्क आदि को बंद करना शुरू करें, और केन्या के पदचिह्नों पर चलकर एक बार उपयोग होने वाले सभी प्लास्टिक बैग को प्रतिबंधित करें।

मेरा मानना है कि प्लास्टिक की बोतलों को पुनःचक्रित किया जाना चाहिए और किया जा सकता है, और सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि प्लास्टिक की सभी बोतलें मानकों के अनुरूप हों ताकि हमारे पास गुणवत्तापरक बोतलें हों जिन्हें पुनःचक्रित करना आसान हो।

क्या आप उत्पादकों को कोई संदेश देना चाहेंगे?

प्लास्टिक व्यवसाय से जुड़े उत्पादकों और भागीदारों सहित सभी पेय कंपनियों पर, कानून द्वारा पर्यावरण की सफाई हेतु फ़ंड सृजित करने के लिए दबाव डाला जाना चाहिए, अधिकांश का ध्यान केवल मिलने वाले लाभ पर ही होता है, इस पर नहीं कि, प्लास्टिक हमारे पर्यावरण को कैसे प्रदूषित कर रहे हैं। उत्पादकों को अपने उत्पाद के लिए पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग का विकल्प ढूंढना चाहिए। वे प्रमुख रोज़गारदाता हैं, लेकिन साथ ही वैकल्पिक और अधिक टिकाऊ पैकेजिंग भी उपलब्ध है।

क्या आप राजनेताओं को कोई संदेश देना चाहेंगे?

मुझे लगता है पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी बाधा तब होती है, जब राजनेताओं का स्वार्थ निहित होता है। उदाहरण के लिए, कई राजनेता लकड़ी काटने की कंपनियों में साझेदार, या प्लास्टिक से संबंधित कंपनियों में साझेदार हैं। इसलिए सतत वन उद्योग या एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध की मांग करने वाली किसी भी पहल को समर्थन देना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। यह एक बड़ी समस्या है जिसने कई सरकारों को पीछे कर रखा है।

मुझे खुशी है कि केन्या सरकार ने देश भर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का आह्वान किया है। मैं आशा करता हूं कि वह इसका अनुसरण भी करेगी। इसलिए राजनेताओं, खासतौर से विधि निर्माताओं को मेरा संदेश है कि वे इस देश का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरणीय पहलों को समर्थन दें।

नाकुरू झील राष्ट्रीय उद्यान के पास,नाकुरू सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में प्लास्टिक प्रदूषण। फ़ोटो क्रेडिट, जेम्स वाकीबिया

सफाई अभियानों में आपकी क्या भूमिका रही है?

मैंने कुछ सफाई अभियान आयोजित किए हैं लेकिन इस भागीदारी की तुलना काउंटी सरकार की भागीदारी से नहीं की जा सकती है। वे और अधिक लोगों तक पहुंच सकते हैं। इन सफाई अभियानों में आने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है और इसका मतलब है कि केन्या के लोग स्वच्छ पर्यावरण के महत्त्व को समझना शुरू कर रहे हैं। मैं आशा करता हूं कि पूरे देश में ऐसे ही और अभियान जारी रहेंगे।

मेरी भूमिका मुख्यतः जानकारी साझा करने तथा पूरे देश में ऐसी गतिविधियों के लिए जनमत तैयार करने की है। मैं आशा करता हूं कि उनके द्वारा मैं लोगों का दृष्टिकोण बदल सकूं, ताकि जो कुछ भी हो रहा है, उसका वे अनुसरण कर सकें।

आप अपना संदेश लोगों तक कैसे पहुंचाते हैं?

मैं ज्यादातर सोशल मीडिया, खास कर ट्विटर और फ़ेसबुक पर निर्भर रहता हूं। मुझे ये प्लेटफ़ॉर्म बेहद सशक्त और आकर्षक लगते हैं। मेरे ट्विटर एकाउंट हैं @jameswakibia और @banplasticsnow, और मैं फ़ेसबुक और मीडियम पर ब्लॉग लिखता हूं। मेरी खुद का संगठन पंजीकृत कराने की योजना है, ताकि मैं अपने कार्य का विस्तार कर इस सुंदर देश से प्लास्टिक प्रदूषण को पूर्णतः खत्म कर सकूं।

 

#करेंगे संग प्लास्टिक प्रदूषण से जंग विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का विषय है।

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