Wednesday, May 16, 2018 कैसे ‘तस्करी’ केन्या के प्लास्टिक बैग प्रतिबंध के लिए खतरा साबित हो रही है

कोयोन्ज़ो में रविवार की यह सुबह दोपहर में तब्दील होने वाली है और इस कस्बे की मुख्य सड़क के दोनों तरफ फैले सेंट्रल मार्केट में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है।

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कोयोन्ज़ो में रविवार की यह सुबह दोपहर में तब्दील होने वाली है और इस कस्बे की मुख्य सड़क के दोनों तरफ फैले सेंट्रल मार्केट में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। दुकानदार अपनी दुकानों पर भुनी मछलियों और सब्ज़ियों का ढेर लगा रहे हैं जबकि कुछ किशोर लड़के-लड़कियां अपने सिर पर केले की टोकरी रखकर बेचने के लिए पूरे बाज़ार में घूम रहे हैं। पास में ही बने बस स्टॉप पर मोटरबाइक चालक अपने वाहनों पर बैठे हुए फ़ोन पर संगीत सुन रहे हैं,और अगले ग्राहक का इंतज़ार कर रहे हैं।

लेकिन खरीदारी के लिए आए लोगों और दुकानदारों के बीच एक अनूठा नज़ारा दिखाई पड़ रहा है: लगभग 50 लोग अपनी कमर झुकाए झाड़ू और बैग के साथ बाज़ार से प्लास्टिक के कचरे को साफ कर रहे हैं, जो वहां पर काफी मात्रा में है। एक स्थानीय एनजीओ, यूथ फ़ाउंडेशन नेटवर्क ने प्लास्टिक प्रदूषण, और खास तौर पर प्लास्टिक बैग के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने के लिए एक सफाई अभियान आयोजित किया है।

Koyonzo cleanup
हाल ही में पश्चिमी केन्या के कोयोन्ज़ो में आयोजित एक सफाई अभियान में गांव के सेंट्रल मार्केट पर ध्यान  केंद्रित किया गया। (डंकन मूर /संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण)

केन्या में प्लास्टिक बैग अवैध हैं और देश के कई हिस्सों से ज्यादातर गायब हो चुके हैं। लेकिन वे अब भी ब्लैक मार्केट में उपलब्ध हैं, जिसके लिए तस्कर ज़िम्मेदार हैं। तस्करों की बदौलत, कोयोन्ज़ो में उन्हें बाज़ार में तथा ज़मीन पर कचरे के रूप में आसानी से पाया जा सकता है।

29 अगस्त 2017 को केन्या ने एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इस कदम की दुनिया भर के पर्यावरण वैज्ञानिकों ने सराहना की तथा यह एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाने वाले (डिस्पोज़ेबल) उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के बढ़ते वैश्विक चलन का उदाहरण था। सरकार द्वारा उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माने और यहां तक कि जेल भेजने की धमकी के चलते इसके प्रभाव तुरंत सामने आने लगे और बैग से होने वाला कचरा काफी हद तक कम हो गया। भले ही प्रतिबंध को ज्यादातर एक सफलता माना जा रहा हो, लेकिन बैग पूरी तरह से गायब नहीं हुए हैं। कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में अब भी उनकी देश में तस्करी की जा रही है।

पूर्वी अफ्रीका में, रवांडा अकेला ऐसा देश है जिसने ऐसे प्रतिबंध को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिसका मतलब है ऐसी कई जगहें हैं जहां से तस्कर प्लास्टिक बैग प्राप्त कर सकते हैं तथा उन्हें केन्या की सीमा के अंदर लाकर ब्लैक मार्केट में बेच सकते हैं। केन्या पांच देशों के साथ सीमाएं साझा करता है, और विक्टोरिया झील के साथ वाली यूगांडा की सीमा अवैध बैगों की आवाजाही के प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरी है।

पश्चिमी केन्या के काकामेगा काउंटी में स्थित कोयोन्ज़ो, प्लास्टिक के इस फैलाव का आदर्श उदाहरण है। यह शहर केन्या और यूगांडा द्वारा संयुक्त रूप से संचालित बुसिया बॉर्डर क्रॉसिंग से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है।

केन्या में प्लास्टिक बैग अवैध हैं और देश के कई हिस्सों से ज्यादातर गायब हो चुके हैं। लेकिन वे अब भी ब्लैक मार्केट में उपलब्ध हैं, जिसके लिए तस्कर ज़िम्मेदार हैं। तस्करों की बदौलत, कोयोन्ज़ो में उन्हें बाज़ार में तथा ज़मीन पर कचरे के रूप में आसानी से पाया जा सकता है।

29 अगस्त 2017 को केन्या ने एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इस कदम की दुनिया भर के पर्यावरण वैज्ञानिकों ने सराहना की तथा यह एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाने वाले (डिस्पोज़ेबल) उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के बढ़ते वैश्विक चलन का उदाहरण था। सरकार द्वारा उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माने और यहां तक कि जेल भेजने की धमकी के चलते इसके प्रभाव तुरंत सामने आने लगे और बैग से होने वाला कचरा काफी हद तक कम हो गया। भले ही प्रतिबंध को ज्यादातर एक सफलता माना जा रहा हो, लेकिन बैग पूरी तरह से गायब नहीं हुए हैं। कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में अब भी उनकी देश में तस्करी की जा रही है।

पूर्वी अफ्रीका में, रवांडा अकेला ऐसा देश है जिसने ऐसे प्रतिबंध को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिसका मतलब है ऐसी कई जगहें हैं जहां से तस्कर प्लास्टिक बैग प्राप्त कर सकते हैं तथा उन्हें केन्या की सीमा के अंदर लाकर ब्लैक मार्केट में बेच सकते हैं। केन्या पांच देशों के साथ सीमाएं साझा करता है, और विक्टोरिया झील के साथ वाली यूगांडा की सीमा अवैध बैगों की आवाजाही के प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरी है।

पश्चिमी केन्या के काकामेगा काउंटी में स्थित कोयोन्ज़ो, प्लास्टिक के इस फैलाव का आदर्श उदाहरण है। यह शहर केन्या और यूगांडा द्वारा संयुक्त रूप से संचालित बुसिया बॉर्डर क्रॉसिंग से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है।

Kenya Uganda border
प्लास्टिक बैग केन्या में गैरकानूनी हैं लेकिन तब भी काफी मात्रा में यूगांडा की सीमा से होते हुए ये इस देश में पहुंच जाते हैं। (डंकन मूर/संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण)

उस रविवार, सूरज डूबने के साथ सीमा पर दोनों तरफ से लोगों की आवाजाही शुरू होती है, जिनमें से अधिकांश ठेले लिए या दूसरी तरफ बिक्री के लिए सामान लिए होते हैं। एक समानांतर लेन में वैन और लॉरियों की लाइन लगी होती है जो सीमा पार करने के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं।

सीमा पर होने वाला यह आदान-प्रदान अर्थव्यवस्था के लिए एक वरदान है, लेकिन प्लास्टिक बैग प्रतिबंध को प्रभावी बनाने की कोशिश को असंभव भी कर सकता है। यहां पर यह आसानी से देखा जा सकता है कि तस्करी के हालिया पर्दाफाशों तथा दोनों सरकारों के बीच सहयोग के बावजूद भी, गैरकानूनी बैग व्यापार इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया है।

आधिकारिक सीमा से चंद कदमों की दूरी पर, यूगांडा में प्लास्टिक बैग की भरमार है। सीमा की चारदीवारी पर बना जूतों का एक स्टोर ढेर सारे जूतों का प्रदर्शन करता है जिनमें से प्रत्येक को प्लास्टिक में लपेटा गया है, वहीं दूसरी ओर हर दुकानदार ग्राहकों को प्लास्टिक के बैग में सामान देता नज़र आता है। सीमा पार करने वालों की संख्या भर को ही, यूगांडा में प्लास्टिक बैग की उपलब्धता के साथ जोड़कर देखने का मतलब है कि इन्हें चोरी-छिपे इस झरझरी/ छेददार/छिद्रयुक्त सीमा से पार कराना तुलनात्मक रूप से आसान है।

इस समस्या के चलते केन्या के कई नेताओं ने यूगांडा और अन्य पड़ोसी देशों में प्रतिबंध, तथा आदर्श रूप से पूर्वी अफ्रीकन समुदाय में क्षेत्रीय प्रतिबंध की मांग की है।

जॉन बराज़ा वान्ग्वे ने इस समस्या पर क्षेत्रीय सहयोग के महत्त्व पर ज़ोर डाला। वह काकामेगा काउंटी के पर्यावरण मंत्री हैं तथा उन्होंने कोयोन्ज़ो सफाई अभियान में भी हिस्सा लिया है।

Plastic bags Uganda
सीमा के दूसरी ओर यूगांडा में प्लास्टिक बैग आसानी से देखने को मिल जाते हैं। (डंकन मूर/संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण)

“हम समान जल स्रोत साझा करते हैं, और प्लास्टिक कचरा हमारी निकासी प्रणाली तथा नदियों और झीलों के समुद्री जीवन को प्रभावित करता है। वान्ग्वे कहते हैं “इस समस्या से हर कोई प्रभावित होता है,। “प्लास्टिक बैग को प्रतिबंधित करने के लिए पूर्वी अफ्रीकी समुदाय को क्षेत्रीय स्तर पर कदम उठाने चाहिए। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी देश इसमें शामिल हों तथा कानून को लागू करें।”

जैसे-जैसे बैग पर अधिक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि उनकी सफलता क्षेत्रीय सहयोग तथा अन्य देशों से आने वाले प्लास्टिक प्रवाह को प्रबंधित करने की क्षमता पर निर्भर करती है।

2008 में प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाने वाला रवांडा लगातार तस्करी की समस्या से जूझ रहा है। अक्सर अफ्रीका का सबसे स्वच्छ देश कहा जाने वाला रवांडा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के साथ सीमा साझा करता है, जो अवैध प्लास्टिक का प्रमुख स्रोत है और सीमा अधिकारी तस्करों को पकड़ने और उन पर कार्यवाही करने में व्यस्त रहते हैं। कभी संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद विश्व में प्लास्टिक का दूसरा सबसे अधिक खपत वाला देश रहा मोरक्को भी 2017 में प्रतिबंध लगाने के बाद ऐसी ही समस्या से जूझ रहा है। प्रतिबंध लागू होने के पहले वर्ष में, अधिकारियों ने लगभग 420 टन अवैध प्लास्टिक बैग सीज़ किए।

जहां एक तरफ प्लास्टिक बैग की तस्करी केन्या में एक समस्या बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय अधिकारियों ने कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने का संकल्प लिया है, और कुछ समस्याओं के बावजूद कई देश प्रतिबंध को एक आदर्श उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। पूर्वी अफ्रीका में यूगांडा, तंज़ानिया, बुरुण्डी और दक्षिण सूडान जैसे देश एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक बैग पर इसी तरह के कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं। इस बढ़ते चलन का मतलब है कि पूर्वी अफ्रीका में एक क्षेत्रीय प्रतिबंध वाकई में एक हकीकत बन सकता है, खासकर जब दुनिया भर में ज्यादा से ज्यादा देश प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के तरीके तलाश रहे हैं।

#करेंगे संग प्लास्टिक प्रदूषण से जंग विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का विषय है।

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